पंकज कुमार बघेल,
मुंगेली/ वैभवी टाइम्स
आज का दिन जिले सहित समूचे अंचल के लिए ऐतिहासिक एवं अत्यंत गौरवपूर्ण रहा, जब कामधेनु विश्वविद्यालय, दुर्ग के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में ग्राम सुखताल (शीतलपुर) निवासीडॉ. रामनाथ बंजारे कोउनकी असाधारण शैक्षणिक प्रतिभा एवं निरंतर परिश्रम के लिए दो स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया। यह सम्मान महामहिम राज्यपाल डॉ. रेमन डेका जी के करकमलों द्वारा प्रदान किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और अधिक बढ़ गई।

डॉ. रामनाथ बंजारे ने वर्ष 2017 बैच में यूनिवर्सिटी टॉपर बनने के साथ-साथ बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हसबेंडरी(B.V.Sc. & A.H.) पाठ्यक्रम में ऑल ओवर फैकल्टी टॉपर का गौरवपूर्ण स्थान प्राप्त किया। उनकी इस दोहरी उपलब्धि ने न केवल विश्वविद्यालय में बल्कि पूरे राज्य में उनकी प्रतिभा की विशेष पहचान स्थापित की है।
ग्राम सुखताल की पावन धरती को मिला गौरव

डॉ. रामनाथ बंजारे की इस अभूतपूर्व सफलता से ग्राम सुखताल (शीतलपुर) सहित पूरे क्षेत्र में हर्ष और उत्साह का वातावरण व्याप्त हो गया। ग्रामीणों ने इसे पूरे गांव के लिए सम्मान की उपलब्धि बताते हुए कहा कि एक सामान्य ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर के विश्वविद्यालय में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करना युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।

शिक्षा की मजबूत नींव और निरंतर सफलता की कहानी
डॉ. रामनाथ बंजारे, पिता संत राम बंजारे, ने शिक्षा की शुरुआत शासकीय प्राथमिक शाला, लालपुर से की। प्रारंभ से ही वे मेधावी छात्र रहे। इसके पश्चात उन्होंने शासकीय गुरुकुल विद्यालय, पेंड्रारोड से माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 1999-2000 में कक्षा 12वीं में टॉपर रहकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया तथा मुख्यमंत्री ज्ञान प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया।
सेवा और समर्पण का आदर्श उदाहरण
उच्च शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात डॉ. रामनाथ बंजारे का चयन शासकीय सेवा में हुआ। उनकी प्रथम पदस्थापना शासकीय जिला पशु चिकित्सालय, बिलासपुर में वेटरनरी सर्जन के रूप में हुई, जहाँ उन्होंने अपनी कार्यकुशलता एवं संवेदनशीलता से पशुपालकों के बीच विशेष पहचान बनाई। वर्तमान में वे शासकीय पशु चिकित्सालय, खरसिया (रायगढ़) में वेटरनरी सर्जन के पद पर कार्यरत हैं और निरंतर निष्ठा, ईमानदारी एवं सेवाभाव से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
प्रेरणास्रोत बनी उपलब्धि
डॉ. रामनाथ बंजारे की यह सफलता यह सिद्ध करती है कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और माता-पिता के आशीर्वाद से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, शिक्षकों, वरिष्ठजनों एवं शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें अनंत शुभकामनाएं दी हैं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
माता-पिता का सादर आशीर्वाद एवं बड़ों का स्नेह सदैव उनके साथ बना रहे, और वे इसी प्रकार समाज, राज्य एवं राष्ट्र की सेवा करते हुए नई ऊँचाइयों को प्राप्त करें—यही सभी की हार्दिक शुभेच्छा है।
