निःशुल्क कोचिंग योजना से बदली ज़िंदगी
इलेक्ट्रिशियन से पुलिस आरक्षक बने सुरेश लोधी
पंकज कुमार बघेल
मुंगेली, वैभवी टाइम्स
श्रम विभाग द्वारा संचालित निःशुल्क कोचिंग योजना ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले युवा भी असाधारण सफलता हासिल कर सकते हैं। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक वर्ग के युवाओं के लिए शासकीय सेवा तक पहुंचने का सशक्त माध्यम बन रही है। इसी योजना से लाभ लेकर ग्राम बेलखुरी निवासी सुरेश कुमार लोधी ने पुलिस विभाग में आरक्षक पद पर चयन प्राप्त कर अपने सपनों को साकार किया है।
सुरेश कुमार लोधी पूर्व में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड में इलेक्ट्रिशियन के रूप में पंजीकृत थे। सीमित आय और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद उनके मन में शासकीय सेवा में जाने की प्रबल इच्छा थी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधनों और महंगी कोचिंग का खर्च वहन करना उनके लिए संभव नहीं था, जिससे उनका सपना अधूरा रहने का खतरा बना रहता था।
ऐसे समय में श्रम विभाग की निःशुल्क कोचिंग योजना उनके लिए संजीवनी साबित हुई। योजना के अंतर्गत उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की सुनियोजित तैयारी, अनुभवी एवं विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन, अद्यतन अध्ययन सामग्री, नियमित टेस्ट और अभ्यास का अवसर प्राप्त हुआ। इसके साथ ही अनुशासनबद्ध अध्ययन वातावरण और सही रणनीति ने उनकी तैयारी को मजबूती दी।
लगातार परिश्रम, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के बल पर सुरेश कुमार लोधी ने पुलिस आरक्षक परीक्षा में सफलता प्राप्त की। उनकी इस उपलब्धि से न केवल परिवार में खुशी का माहौल है, बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र में हर्ष और गर्व की अनुभूति देखी जा रही है। यह सफलता अन्य श्रमिक परिवारों के युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए सुरेश कुमार लोधी ने कहा कि श्रम विभाग की निःशुल्क कोचिंग योजना के बिना यह लक्ष्य हासिल करना बेहद कठिन था। यह योजना उन युवाओं के लिए आशा की किरण है, जो मेहनत करने का जज़्बा रखते हैं, लेकिन आर्थिक अभाव के कारण पीछे रह जाते हैं।
श्रम विभाग की यह पहल श्रमिक वर्ग के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उन्हें शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा शासकीय सेवाओं में समान भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक प्रभावी और सराहनीय कदम के रूप में सामने आ रही है।
