नशा उन्मूलन, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण पर प्रशासन सख्त
रज्जू बंजारे
बेमेतरा। कलेक्टोरेट स्थित दिशा सभाकक्ष में आज जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति, नारको को-ऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD), ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण तथा नवीन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने की।
बैठक में पूर्व बैठकों में लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा, नशा उन्मूलन एवं ध्वनि प्रदूषण जैसे विषय सीधे आम नागरिकों के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़े हैं, इसलिए इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
नशा उन्मूलन को लेकर प्रशासन–पुलिस का संयुक्त अभियान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रामकृष्ण साहू ने नशे के बढ़ते खतरे पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नशीले पदार्थ युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिले में नशे के कारोबार से जुड़े तत्वों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है तथा मादक पदार्थों की जब्ती भी की गई है।
कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने स्कूलों एवं महाविद्यालयों में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने समाज कल्याण विभाग को विभिन्न प्रचार माध्यमों के जरिए जनजागरूकता कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा नशा मुक्ति एवं पुनर्वास से संबंधित कार्यक्रमों की जानकारी भी बैठक में साझा की गई।
सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर, दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के निर्देश
बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए हेलमेट, सीट बेल्ट एवं यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता अभियानों पर भी जोर दिया गया।
एसएसपी श्री साहू ने बताया कि जिले के राष्ट्रीय राजमार्गों एवं बेरला क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है। इन क्षेत्रों में चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर स्पीड ब्रेकर, साइन बोर्ड, संकेतक एवं अन्य सुरक्षा उपाय लगाए गए हैं। साथ ही खराब संकेतकों एवं लाइटों की मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं, जिससे रात्रिकालीन दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके।
कलेक्टर ने बताया कि कलेक्ट्रेट के सामने सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्पीड लिमिट बोर्ड, डिवाइडर एवं पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था हेतु राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग से पत्राचार किया गया है।
ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कड़े निर्देश
कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण केवल कानों के लिए ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य एवं हृदय संबंधी बीमारियों का भी बड़ा कारण है। उन्होंने माननीय उच्चतम न्यायालय एवं छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के आदेश दिए।
रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग, कानफोड़ू डीजे एवं धुमाल पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों तथा धार्मिक व सामाजिक आयोजनों में निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराने को कहा गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी एसडीओपी, थाना प्रभारियों एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की रियायत न बरती जाए। नगर पालिका द्वारा नियमित ध्वनि स्तर निगरानी एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनजागरूकता अभियान चलाने की जानकारी भी दी गई।
सामूहिक प्रयास से सुरक्षित व शांत जिला बनाने की अपील
बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी विभागों से नशा उन्मूलन, सड़क सुरक्षा एवं ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिए संगठित एवं सतत प्रयास करने की अपील की, ताकि बेमेतरा जिले में सुरक्षित, स्वस्थ और शांत वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती प्रेमलता पदमाकर, अपर कलेक्टर श्री प्रकाश भारद्वाज, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हरीश कुमार यादव, एसडीओपी बेरला श्री विनय कुमार, एसडीओपी बेमेतरा श्री भुषण एक्का, डीएसपी (मुख्यालय) श्री राजेश कुमार झा, डीएसपी श्रीमती शशीकला उईके, यातायात प्रभारी एवं रक्षित निरीक्षक श्री प्रवीण खलखो, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती पिंकी मनहर सहित आरटीओ, नगर निकाय, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
