पंकज कुमार बघेल
मुंगेली, वैभवी टाइम्स

कोसा पालन के क्षेत्र में वैज्ञानिक पद्धतियों को बढ़ावा देकर उत्पादन एवं गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि करने तथा हितग्राहियों को आधुनिक, वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक ज्ञान से सशक्त बनाने के उद्देश्य से विकासखंड पथरिया अंतर्गत ग्राम किरना में पाँच दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कोसा पालन से जुड़े हितग्राहियों के कौशल उन्नयन, तकनीकी दक्षता बढ़ाने और उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 18 कोसा पालन हितग्राही सक्रिय सहभागिता कर रहे हैं, जिन्हें विशेषज्ञों द्वारा सैद्धांतिक के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से हितग्राहियों को कोसा पालन की उन्नत तकनीकों से अवगत कराते हुए उन्हें आधुनिक पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि कम लागत में अधिक और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन संभव हो सके।
सहायक संचालक रेशम घनश्याम सिंह ध्रुव ने जानकारी देते हुए बताया कि यह पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 जनवरी को संपन्न होगा। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान केंद्रीय रेशम बोर्ड के अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा कोसा पालन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इनमें उन्नत तकनीक से कोसा पालन, कोसा उत्पादन में वृद्धि के उपाय, बीजागार प्रबंधन, रेशम कीट रोग प्रबंधन, चाकी कुप्पी पालन, साथ ही प्रक्षेत्र के समुचित रखरखाव एवं स्वच्छता जैसे विषय प्रमुख रूप से शामिल हैं।
प्रशिक्षण के दौरान हितग्राहियों को रेशम कीटों की देखरेख, रोगों की पहचान एवं रोकथाम, उच्च गुणवत्ता वाले कोसा उत्पादन की तकनीक तथा विपणन की संभावनाओं के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। इससे न केवल कोसा पालन करने वाले कृषकों की तकनीकी समझ बढ़ेगी, बल्कि वे आत्मनिर्भर बनते हुए अपने जीवन स्तर में भी सुधार कर सकेंगे।
कार्यक्रम में केंद्र प्रभारी उमाशंकर यादव, वरिष्ठ तकनीकी सहायक अंजना दुबे सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने प्रशिक्षण को कोसा पालन से जुड़े हितग्राहियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए इसे जिले में रेशम उद्योग के विकास की दिशा में एक सार्थक कदम बताया।
