अपूर्ण व अप्रारंभ आवासों पर कसा शिकंजा, समय-सीमा में पूर्ण नहीं हुए तो होगी दंडात्मक कार्रवाई
पंकज कुमार बघेल, मुंगेली, वैभवी टाइम्स,
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत जिले में संचालित आवास निर्माण कार्यों को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। इसी क्रम में जिला पंचायत सभाकक्ष में आवास निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा हेतु एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें स्पष्ट संदेश दिया गया कि अब किसी भी स्तर पर ढिलाई, लापरवाही या टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय के निर्देशानुसार आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता सहायक परियोजना अधिकारी एल.के. कौशिक ने की। बैठक में वित्तीय वर्ष 2024–26 के अंतर्गत स्वीकृत सभी अप्रारंभ एवं अपूर्ण आवासों की ग्राम पंचायतवार गहन और बिंदुवार समीक्षा की गई।
स्पष्ट निर्देश: हर हाल में शुरू हों अप्रारंभ आवास
बैठक में सहायक परियोजना अधिकारी कौशिक ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिन हितग्राहियों के आवास अब तक प्रारंभ नहीं हुए हैं, उनका निर्माण कार्य अनिवार्य रूप से तत्काल प्रारंभ कराया जाए। जिन हितग्राहियों को द्वितीय किश्त की राशि प्राप्त हो चुकी है, उनके आवासों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराना संबंधित अधिकारियों की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी होगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई आवास बिना ठोस कारण के लंबित पाया गया, तो उसकी जवाबदेही तय करते हुए सीधे संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
पलायन कोई बहाना नहीं, संपर्क कराना अनिवार्य
तकनीकी सहायकों एवं आवास मित्रों को सख्त निर्देश दिए गए कि जिन हितग्राहियों के आवास पलायन के कारण अधूरे हैं, उनसे मोबाइल एवं व्हाट्सऐप जैसे डिजिटल माध्यमों से अनिवार्य रूप से संपर्क स्थापित किया जाए।
स्पष्ट किया गया कि पलायन अब आवास निर्माण में देरी का बहाना नहीं माना जाएगा और ऐसे मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
15 दिवस की प्रगति का तुलनात्मक विश्लेषण
बैठक में 28 जनवरी से 13 फरवरी (15 दिवस) की अवधि में हुई प्रगति का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया। जिन पंचायतों और अधिकारियों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी गई कि आगामी समीक्षा में सुधार नहीं होने की स्थिति में दंडात्मक कार्रवाई तय है।
गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
आवास निर्माण की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी आवास में घटिया सामग्री, तकनीकी खामी या मानकों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि निर्माण की वास्तविक प्रगति के अनुरूप ही किश्त की राशि जारी की जाए, किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर भुगतान रोका जाएगा।
जवाबदेही तय, समय पर काम नहीं तो कार्रवाई
बैठक में स्पष्ट किया गया कि जिन आवासों का कार्य तय समय-सीमा में पूर्ण नहीं होगा, उनके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अब योजना का लाभ समय पर हितग्राहियों तक पहुँचना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में उपस्थित रहे अधिकारी
बैठक में आवास चौपाल नोडल अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा), सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, विनय छात्रे (ईआरईएस), राजीव तिवारी, तकनीकी सहायक एवं आवास मित्र उपस्थित रहे।
