स्वस्थ समाज की ओर पहल, जिले के 8 लाख 51 हजार से अधिक नागरिक होंगे लाभान्वित
पंकज कुमार बघेल,
मुंगेली, वैभवी टाइम्स

फाइलेरिया (हाथी पांव) जैसी गंभीर, दीर्घकालिक और अपंगता उत्पन्न करने वाली बीमारी से समाज को मुक्त करने की दिशा में जिले में एक महत्वपूर्ण जनस्वास्थ्य अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लक्ष्य के अनुरूप देश को वर्ष 2030 तक फाइलेरिया मुक्त बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में 10 फरवरी से 25 फरवरी तक जिलेभर में सामूहिक दवा सेवन अभियान संचालित किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने जानकारी दी कि फाइलेरिया एक मच्छरजनित रोग है, जो प्रारंभिक अवस्था में सामान्य प्रतीत होता है, किंतु समय पर रोकथाम न होने पर यह आजीवन अपंगता, सामाजिक उपेक्षा और आर्थिक कठिनाइयों का कारण बन सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा सामूहिक दवा सेवन को सबसे प्रभावी उपाय माना गया है।
अभियान के अंतर्गत 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर जिले के सभी नागरिकों को डी.ई.सी., एल्बेंडाजोल एवं आईवरमेक्टिन दवाओं का संयुक्त सेवन कराया जाएगा। यह दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा स्वास्थ्य विभाग के प्रशिक्षित कर्मियों की निगरानी में ही सेवन कराई जाएंगी। जिले में कुल 8 लाख 51 हजार 895 से अधिक नागरिकों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
डीपीएम गिरीश कुर्रे ने बताया कि अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक तैयारी की गई है। इसके लिए 1,790 दवा वितरण दल गठित किए गए हैं, जिनमें 3,580 से अधिक स्वास्थ्यकर्मी, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं स्वयंसेवक शामिल हैं। जिले में कुल 1,620 दवा सेवन बूथ बनाए गए हैं। इनमें मुंगेली विकासखंड में 660, लोरमी विकासखंड में 560 तथा पथरिया विकासखंड में 400 बूथ स्थापित किए गए हैं।
अभियान को तीन चरणों में संचालित किया जाएगा। प्रथम चरण में 10 से 12 फरवरी तक स्कूलों, महाविद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों सहित शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों, युवाओं एवं कर्मचारियों को दवा सेवन कराया जाएगा। द्वितीय चरण में 13 से 22 फरवरी तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर नागरिकों को दवा खिलाएंगी, जिससे कोई भी पात्र व्यक्ति अभियान से वंचित न रह जाए। तृतीय चरण में 23 से 25 फरवरी तक मॉप-अप राउंड के माध्यम से छूटे हुए लोगों को दवा सेवन कराया जाएगा।
अभियान की सतत निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आईएचओ, सीएचओ, मितानिनों सहित कुल 358 पर्यवेक्षकों एवं 72 सेक्टर पर्यवेक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। ये अधिकारी एवं कर्मचारी न केवल दवा सेवन की निगरानी करेंगे, बल्कि लोगों को फाइलेरिया से बचाव, स्वच्छता, मच्छर नियंत्रण और दवा सेवन के महत्व के प्रति जागरूक भी करेंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस जनहित अभियान में सक्रिय सहभागिता करें, स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा दी जा रही दवाओं का स्वयं सेवन करें तथा अपने परिवार और पड़ोसियों को भी दवा सेवन के लिए प्रेरित करें। सामूहिक सहभागिता से ही फाइलेरिया मुक्त स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।
