रायपुर साहित्य उत्सव में बेमेतरा जिले के 35 साहित्यकारों की गरिमामयी सहभागिता
रज्जू बंजारे “वैभवी टाइम्स”
बेमेतरा। रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में 23 से 25 जनवरी तक आयोजित तीन दिवसीय भव्य रायपुर साहित्य उत्सव का सफल समापन हुआ।
इस साहित्यिक महाकुंभ में छत्तीसगढ़ सहित देशभर से वरिष्ठ साहित्यकार, लेखक, कवि, पत्रकार एवं फिल्म जगत से जुड़ी अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने सहभागिता निभाई।उक्त साहित्य उत्सव में बेमेतरा जिले से 35 से अधिक कवि एवं साहित्यकारों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। यह आयोजन साहित्यिक कुंभ के समान था, जहाँ जितना भी साहित्य-सागर में डुबकी लगाई जाए, उतना ही कम प्रतीत होता था।
शासन द्वारा आयोजन की समस्त व्यवस्थाएँ सुव्यवस्थित एवं प्रशंसनीय रहीं।उत्सव के दौरान मनोरंजन के साथ-साथ साहित्यिक विमर्श, काव्य पाठ एवं ज्ञानवर्धक संवादों के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा देने वाले विचार प्रस्तुत किए गए, जिन्हें श्रोताओं ने आत्मसात करने की प्रेरणा पाई।
हास्य कवि रामानंद त्रिपाठी के कुशल संचालन एवं नेतृत्व में बेमेतरा जिले के कवियों ने कवि सम्मेलन में शानदार प्रस्तुतियाँ दीं, जिससे उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध हो गया। बेमेतरा के कवियों की सशक्त भागीदारी की चर्चा साहित्यिक गलियारों में खूब रही।
बेमेतरा जिले से सहभागिता निभाने वाले प्रमुख कवि एवं साहित्यकारों में। रामानंद त्रिपाठी, मोहित राम वर्मा, डॉ. गोकुल बंजारे चंदन, ईश्वर साहू आरूग, जगदीश सोनी, कृष्णा भारतीय, मनोज पाटिल मणि, मनोज श्रीवास्तव, नारायण वर्मा चंदन, रामहृदय वर्मा, पंकज शर्मा, गायत्री श्रीवास, भुवन दास जांगड़े, विशाल ध्रुवे गंवइहा, वीनु सिंह नेताम, राजकुमार निषाद, विकास कश्यप, डॉ. नीलेश कुमार तिवारी, दिलीप टिकरिहा, हरीश पटेल, राजीव मधुकर, सुरेश निर्मलकर, धर्मेन्द्र डहरवाल, मणिशंकर दिवाकर ‘गदगद’, ईश्वरीय घृतलहरे सहित अन्य कवि गण सम्मिलित रहे।
इस आयोजन ने बेमेतरा जिले की साहित्यिक चेतना और प्रतिभा को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई।
