पंकज कुमार बघेल,
मुंगेली | वैभवी टाइम्स
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक पहचान से जुड़े प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र मदकूद्वीप में विकास और पर्यावरण संरक्षण का एक नया अध्याय जुड़ गया है।
राज्य सरकार की मंशानुसार पर्यटन स्थलों पर आधुनिक, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा मदकूद्वीप में तीन नवीन सौर हाईमास्ट प्रकाश संयंत्र स्थापित किए गए हैं।
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में इन सौर हाईमास्ट संयंत्रों का लोकार्पण किया गया।
ये संयंत्र घाट क्षेत्र, यज्ञशाला एवं मंदिर परिसर के समीप लगाए गए हैं, जिससे संपूर्ण क्षेत्र की रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था पहले की तुलना में कहीं अधिक सुदृढ़ और प्रभावी हो गई है। इससे न केवल श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान सुविधा मिलेगी, बल्कि देर शाम एवं रात्रि के समय पर्यटकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
लोकार्पण कार्यक्रम में बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी, पूर्व विधायक भाटापारा शिवरतन शर्मा एवं महात्यागी रामरूपदास सहित अनेक जनप्रतिनिधि, साधु-संत एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
सौर ऊर्जा आधारित इन हाईमास्ट संयंत्रों से पूरे क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश उपलब्ध होने के साथ-साथ बिजली की बचत भी होगी। यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को भी सशक्त रूप से दर्शाती है। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण संभव होगा।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
लोगों ने इसे मदकूद्वीप के विकास के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए राज्य सरकार एवं क्रेडा विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। सौर हाईमास्ट संयंत्रों की स्थापना से मदकूद्वीप अब रात्रिकालीन समय में भी आकर्षक और सुरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है।
निस्संदेह, मदकूद्वीप में सौर हाईमास्ट प्रकाश संयंत्रों की यह स्थापना आस्था, पर्यटन और सतत विकास के सुंदर समन्वय का प्रतीक है, जो आने वाले समय में इस पावन स्थल को प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्रों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
