रज्जू बंजारे “वैभवी टाइम्स”
बेमेतरा । जिला पंचायत बेमेतरा के सभाकक्ष में आज श्रमिकों के सशक्तिकरण और कल्याण को समर्पित भव्य श्रमिक जनसंवाद सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 400 श्रमिकों की सक्रिय भागीदारी रही, जहां उन्होंने शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और अपनी समस्याओं व सुझावों को सीधे मंच पर रखा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा ने श्रमिकों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार श्रमिक वर्ग के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, परिवार की सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण को ध्यान में रखते हुए अनेक प्रभावी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
सम्मेलन में विधायक श्री दिपेश साहू, नगर पालिका परिषद बेमेतरा के अध्यक्ष श्री विजय सिन्हा, पार्षद सुश्री नीतू कोठारी, पूर्व भाजपा अध्यक्ष श्री राजेन्द्र शर्मा, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती प्रेमलता पदमाकर एवं श्रम पदाधिकारी श्री शोएब काजी सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।
2.60 करोड़ से अधिक की सहायता राशि वितरित
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न श्रम कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कुल 8,704 हितग्राहियों को 2,60,82,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।
योजनावार लाभार्थियों का विवरण इस प्रकार है—
मिनीमाता महतारी जतन योजना – 239 हितग्राही
मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना – 18 हितग्राही
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना – 10 हितग्राही
मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना – 128 हितग्राही
मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना – 22 हितग्राही
मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना – 8,287 हितग्राही
लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए, जबकि शेष हितग्राहियों के खातों में सीधे राशि अंतरण की प्रक्रिया पूर्ण की गई।
जिला पंचायत सीईओ श्रीमती प्रेमलता पदमाकर ने बताया कि श्रमिक पंजीयन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है। उन्होंने श्रमिकों से अपने दस्तावेज अद्यतन रखने और योजनाओं की जानकारी के लिए संबंधित विभाग से संपर्क बनाए रखने की अपील की।
यह सम्मेलन न केवल आर्थिक सहायता वितरण का माध्यम बना, बल्कि शासन और श्रमिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें जागरूक एवं सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
