कहा– बच्चों का भविष्य दांव पर, शिक्षा गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
पंकज कुमार बघेल,मुंगेली, वैभवी टाइम्स,

मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत जिले में “मिशन 90 प्लस परीक्षा परिणाम उन्नयन कार्यक्रम” को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, परिणामोन्मुख और नवाचार आधारित शिक्षा प्रदान कर बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम सुनिश्चित करना है।
अभियान की प्रगति की गहन समीक्षा
कलेक्टर कुन्दन कुमार ने जिला पंचायत सभाकक्ष में विद्यालयों के प्राचार्यों, बीईओ, एबीईओ एवं शिक्षा अधिकारियों की सख्त और परिणाम केंद्रित समीक्षा बैठक ली। बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि शिक्षा गुणवत्ता में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कमजोर प्रदर्शन पर सीधी जवाबदेही तय की जाएगी।
कमजोर प्रदर्शन पर कड़ी कार्रवाई
कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान मनोहरपुर विद्यालय के खराब परीक्षा परिणामों और शैक्षणिक प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर संबंधित प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही निरीक्षण में लापरवाही एवं प्रगति पत्रक संधारित नहीं करने पर सभी बीईओ एवं एबीईओ की सैलरी रोकने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं लाने पर लालपुर, मनोहरपुर, लगरा, देवरहट, डोंगरिया, राम्हेपुर, बैगाकापा एवं गोड़खाम्ही विद्यालयों के प्राचार्यों की वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अब केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि परिणाम ही मूल्यांकन का आधार होंगे।
नवाचार, बेस्ट प्रैक्टिस और साझा मॉडल पर जोर
कलेक्टर ने राम्हेपुर विद्यालय की प्राचार्य मरियम एक्का से संवाद कर आगामी परीक्षाओं में बेहतर परिणाम लाने हेतु ठोस रणनीति अपनाने को कहा। वहीं लालपुर थाना स्कूल सहित अन्य विद्यालयों को बेस्ट प्रैक्टिस, नवाचार और विशेष शैक्षणिक प्रयासों के माध्यम से परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के सभी विद्यालय अपने सफल नवाचार साझा करें, जिससे पूरे जिले के विद्यार्थी लाभान्वित हो सकें। जिला शिक्षा अधिकारी को सभी विद्यालयों की बेस्ट प्रैक्टिस का संकलित प्रतिवेदन तैयार करने तथा बीईओ और बीआरसी को नियमित और प्रभावी निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा बच्चों के भविष्य की नींव
कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा केवल अंक नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। इसमें लापरवाही सीधे तौर पर आने वाली पीढ़ी को नुकसान पहुंचाती है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्राचार्य शकुंतला के प्रयासों की सराहना की गई।
परीक्षा पूर्व विशेष तैयारी पर फोकस
कलेक्टर ने 10वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर तैयार कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अनसॉल्व्ड पेपर, मॉडल पेपर और पुनरावृत्ति अभ्यास गंभीरता से कराया जाए। साथ ही शिक्षा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बेहतर मॉनिटरिंग टूल विकसित कर जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने पर बल दिया।
स्मार्ट टीचिंग और प्रेरणा पर जोर
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने कहा कि परीक्षा पूर्व का समय विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस अवधि में शिक्षकों को स्मार्ट टीचर की भूमिका निभाते हुए नवाचार, संवाद और प्रेरणा के माध्यम से विद्यार्थियों की सोच को मजबूत करना चाहिए।
जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय ने कहा कि सभी शिक्षक अपनी जिम्मेदारी का निष्ठा एवं समर्पण के साथ निर्वहन करें और विद्यालयों में शिक्षा गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
बैठक में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों ने अपने अनुभव साझा किए।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी एल.पी. डाहिरे, डीएमसी अशोक कश्यप सहित सभी बीईओ, एबीईओ एवं विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।
