अपराध नियंत्रण, तकनीकी नवाचार, जन-संवाद और जवाबदेह पुलिसिंग पर रहा विशेष जोर
पंकज कुमार बघेल,मुंगेली,वैभवी टाइम्स,
रामगोपाल गर्ग, पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज द्वारा दिनांक 25 एवं 26 फरवरी 2026 को जिला मुंगेली का दो-दिवसीय वार्षिक निरीक्षण सम्पन्न किया गया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक कार्यालय, विभिन्न थानों, रक्षित केन्द्र तथा नव-निर्मित अधोसंरचनाओं का गहन अवलोकन किया गया।
निरीक्षण के अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर पुलिस महानिरीक्षक का आत्मीय स्वागत किया गया।
निरीक्षण का उद्देश्य
इस वार्षिक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य—
प्रशासनिक एवं पुलिस व्यवस्था की समग्र समीक्षा
अपराध नियंत्रण की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन
विवेचना की गुणवत्ता में सुधार
तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा
जन-संपर्क एवं पारदर्शिता को सुदृढ़ करना
निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय अधिकारी, रक्षित निरीक्षक, समस्त थाना/चौकी प्रभारी एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रथम दिवस
प्रथम दिवस पुलिस अधीक्षक कार्यालय मुंगेली का विस्तृत निरीक्षण किया गया।
कार्यालयीन अभिलेखों, रजिस्टरों एवं रिकॉर्ड की जांच कर उन्हें अद्यतन, सुव्यवस्थित एवं त्रुटिरहित रखने के निर्देश दिए गए।
इसके पश्चात थाना लोरमी, थाना चिल्फी एवं थाना फास्टरपुर का क्रमशः निरीक्षण किया गया।
महत्वपूर्ण निर्देश
लंबित अपराधों, मर्ग एवं शिकायतों का त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निराकरण
ई-साक्ष्य संकलन कर चालान समय-सीमा में न्यायालय में प्रस्तुत करना
सीसीटीएनएस प्रणाली के अंतर्गत समस्त प्रविष्टियाँ समयबद्ध पूर्ण करना
गुण्डा/निगरानी बदमाशों की नियमित चेकिंग व अभिलेखीय संधारण
गुमशुदा व्यक्तियों की पहचान एवं बरामदगी हेतु तकनीकी साधनों का उपयोग
रात्रि में पुलिस महानिरीक्षक द्वारा मुंगेली विश्रामगृह में प्रवास कर रात्रि गश्त एवं शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान विशेष रूप से जिन बिंदुओं पर जोर दिया गया
अभिलेखों का नियमित अद्यतन
गंभीर अपराधों का शीघ्र निराकरण
लंबित शिकायतों में संवेदनशीलता व तत्परता
सीसीटीएनएस का प्रभावी उपयोग
साइबर अपराधों की रोकथाम हेतु जन-जागरूकता
आम नागरिकों के प्रति सौहार्दपूर्ण एवं जवाबदेह व्यवहार
द्वितीय दिवस
द्वितीय दिवस प्रातः रक्षित केन्द्र मुंगेली में परेड निरीक्षण किया गया।
वर्दी टर्नआउट, अनुशासन, शारीरिक दक्षता एवं ड्रिल का मूल्यांकन किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को नगद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।
इसके पश्चात रक्षित केन्द्र में 03 नवनिर्मित पुलिस शस्त्रागार भवनों का लोकार्पण किया गया। बैठक हाल में दरबार आयोजित कर अधिकारी-कर्मचारियों की समस्याएं सुनी गईं एवं त्वरित समाधान हेतु मार्गदर्शन दिया गया।
तकनीकी नवाचार एवं पुरस्कार घोषणा
“सशक्त एप” के माध्यम से वाहन चेकिंग को प्रभावी बनाने के निर्देश
चोरी के वाहन (विशेषकर बाइक) की बरामदगी पर पुरस्कार देने की घोषणा
यातायात व्यवस्था में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
बीट प्रणाली एवं साइबर जागरूकता पर विशेष निर्देश
पुलिस महानिरीक्षक ने निर्देश दिया कि—
प्रत्येक आरक्षक को 3-4 गांवों की जिम्मेदारी दी जाए
प्रत्येक बीट का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर जनप्रतिनिधि व पुलिस मित्रों को जोड़ा जाए
“साइबर प्रहरी कार्यक्रम” के माध्यम से आम नागरिकों को डिजिटल अपराधों से जागरूक किया जाए, ताकि अपराध होने से पहले ही रोका जा सके
“अनुभव क्यूआर कोड” फीडबैक प्रणाली
निरीक्षण के दौरान “अनुभव क्यूआर कोड” की उपयोगिता पर विशेष जानकारी दी गई। इसके माध्यम से आम नागरिक सीधे पुलिस थाने की कार्यप्रणाली पर फीडबैक दे सकेंगे, जिससे पुलिस-जन संवाद और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी।
कुल मिलाकर यह वार्षिक निरीक्षण जिले में बेहतर पुलिसिंग, तकनीकी दक्षता, जवाबदेही और जन-विश्वास को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
