वैभवी टाइम्स | धार्मिक–सामाजिक विशेष रिपोर्ट
रज्जू बंजारे, वैभवी टाइम्स,
समाज को जोड़ने वाला सतनाम संदेश, प्रशासन की व्यवस्थाओं ने जीता श्रद्धालुओं का भरोसा
रायपुर/बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ की धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान गिरौदपुरी धाम में आज से तीन दिवसीय गुरु घासीदास दर्शन मेला श्रद्धा, अनुशासन और सामाजिक समरसता के साथ प्रारंभ हो गया।
मेले के पहले ही दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु देश के विभिन्न हिस्सों से गुरु बाबा के दर्शन एवं आशीर्वाद हेतु धाम पहुंचे।
समाज के लिए प्रेरणा का केंद्र बना मेला
यह मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एक सूत्र में पिरोने वाला सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। गुरु घासीदास बाबा के अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” को आत्मसात करते हुए जाति, वर्ग और क्षेत्र की सीमाओं से ऊपर उठकर समाज के हर वर्ग के लोग एक साथ दर्शन करते नजर आए।
सामूहिक प्रार्थना, सतनाम कीर्तन, सेवा कार्य और अनुशासित आचरण ने यह स्पष्ट किया कि यह आयोजन सामाजिक समानता, भाईचारे और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का सशक्त मंच है।
युवाओं की सक्रिय भागीदारी और बुजुर्गों का मार्गदर्शन समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश दे रहा है।
प्रशासन की व्यवस्थाएं बनीं अनुकरणीय
तीन दिवसीय मेले को लेकर जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दिया।
सुरक्षा व्यवस्था: चाक-चौबंद पुलिस बल, कंट्रोल रूम, सीसीटीवी निगरानी और महिला पुलिस की विशेष तैनाती।
यातायात पार्किंग व्यवस्था
यातायात वाहन पार्किंग: अलग-अलग पार्किंग जोन, सुचारु ट्रैफिक प्लान और स्वयंसेवकों द्वारा मार्गदर्शन।
स्वास्थ्य व आपात सेवाएं: प्राथमिक उपचार केंद्र, एम्बुलेंस की तैनाती और मेडिकल टीम की सतत निगरानी।
पेयजल व स्वच्छता: शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, नियमित साफ-सफाई और स्वच्छता कर्मियों की तैनाती।
श्रद्धालु सुविधा: सूचना केंद्र, सहायता डेस्क, दिव्यांग व वृद्धजनों के लिए विशेष सहयोग।
इन व्यवस्थाओं के चलते श्रद्धालुओं ने बिना किसी अव्यवस्था के शांतिपूर्ण दर्शन किए और प्रशासन की कार्यकुशलता की खुले मन से सराहना की।
आध्यात्मिक वातावरण से ओतप्रोत धाम
धाम परिसर में जैतखाम, सीढ़ियों और पवित्र स्थलों पर सतनाम के जयघोष, भजन-कीर्तन और प्रवचनों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे श्रद्धालुओं ने आयोजन को सांस्कृतिक गरिमा भी प्रदान की।
अनुशासन और सेवा की मिसाल
मेले में स्वयंसेवी संगठनों एवं समाजसेवियों द्वारा निःस्वार्थ सेवा, जलसेवा और मार्गदर्शन कार्य किए जा रहे हैं। यह सेवा भावना गुरु बाबा के आदर्शों को व्यवहार में उतारने का सशक्त उदाहरण है।
निष्कर्षतः, गिरौदपुरी धाम का यह तीन दिवसीय गुरु घासीदास दर्शन मेला समाज को समानता, एकता और शांति का संदेश देता हुआ प्रशासनिक सुचालन की मिसाल बन गया है।
वैभवी टाइम्स इस ऐतिहासिक आयोजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण गतिविधि, सामाजिक संदेश और प्रशासनिक प्रयासों की विस्तृत जानकारी अपने पाठकों तक लगातार पहुंचाता रहेगा।
