पंकज कुमार बघेल, मुंगेली, वैभवी टाइम्स।
मुंगेली।
महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए मुंगेली पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
समाज में यह स्पष्ट संदेश देने की आवश्यकता है कि महिलाओं से छेड़छाड़ कोई मज़ाक, शरारत या बहादुरी नहीं, बल्कि एक गंभीर आपराधिक अपराध है, जिसके लिए कानून में कड़े दंड का प्रावधान है।
आज भी कई मामलों में महिलाएं सार्वजनिक स्थानों, रास्तों, बाजारों या डिजिटल माध्यमों पर असुरक्षित महसूस करती हैं।
इसी को देखते हुए मुंगेली पुलिस द्वारा निरंतर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और ऐसे अपराधों पर शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जा रही है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 के अंतर्गत महिलाओं से छेड़छाड़ स्पष्ट रूप से दंडनीय अपराध की श्रेणी में आती है। इसके अंतर्गत निम्न कृत्य शामिल हैं—
कानून के दायरे में छेड़छाड़ एक दंडनीय अपराध
महिलाओं का पीछा करना या डराना
अश्लील टिप्पणी, फब्तियां या इशारे करना
गलत नीयत से छूना या शारीरिक संपर्क करना
महिलाओं की अश्लील फोटो या वीडियो बनाना अथवा सोशल मीडिया पर वायरल करना
कानून के अनुसार, इन सभी अपराधों में जुर्माना और कारावास दोनों का प्रावधान है। अपराधी चाहे किसी भी सामाजिक पृष्ठभूमि से हो, कानून की नजरों से बच पाना असंभव है।
✦ महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुंगेली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के विरुद्ध किसी भी प्रकार के अपराध को गंभीरता से लिया जाएगा। शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और पीड़िता की पहचान व सम्मान की पूरी सुरक्षा की जाएगी।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि सुरक्षित समाज का निर्माण तभी संभव है जब हर नागरिक महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाए और कानून का पालन करे।
✦ समाज से अपील
प्रशासन ने समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे—
महिलाओं के सम्मान को सर्वोपरि रखें
किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या अपराध को नज़रअंदाज़ न करें
पीड़िता को चुप रहने के बजाय आवाज़ उठाने के लिए प्रेरित करें
महिलाओं के खिलाफ अपराध केवल एक व्यक्ति के विरुद्ध नहीं, बल्कि पूरे समाज की नैतिकता पर आघात होता है।
✦ संदेश स्पष्ट है
अपराध करें नहीं, अपराध सहें नहीं।
छेड़छाड़ करने वालों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है।
महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए मुंगेली पुलिस सदैव तत्पर है।
