जोतपुर व मारूकापा में श्रद्धा, सेवा, शिक्षा और जनकल्याण का संगम
पंकज कुमार बघेल, मुंगेली, वैभवी टाइम्स,
लोरमी।
लोरमी विधानसभा क्षेत्र के पावन ग्राम जोतपुर एवं मारूकापा में परम् पूज्य गुरु घासीदास बाबा की जयंती एवं उनसे प्रेरित सामाजिक-शैक्षणिक आयोजनों ने समाज को समानता, भाईचारे और विकास का सशक्त संदेश दिया। इन कार्यक्रमों ने यह सिद्ध किया कि बाबा जी की शिक्षाएं आज भी समाज के हर वर्ग के लिए पूर्णतः प्रासंगिक और मार्गदर्शक हैं।
जोतपुर में सतनाम मेला : सामाजिक चेतना और विकास संकल्प का मंचग्राम जोतपुर में आयोजित दो दिवसीय सतनाम मेला श्रद्धा, आस्था और सामाजिक समर्पण के वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने सेतखाम की पूजा-अर्चना कर लोकमंगल की कामना की तथा समाजजनों को आशीर्वाद प्रदान किया।अपने ओजस्वी संबोधन में गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी का अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” आज के सामाजिक परिवेश में और भी अधिक आवश्यक हो गया है।
यह संदेश भेदभाव, असमानता और ऊंच-नीच की भावना को समाप्त कर मानवता, समान अधिकार और सामाजिक समरसता की स्थापना करता है। उन्होंने कहा कि बाबा जी की शिक्षाएं केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की मजबूत नींव हैं।
10 लाख रुपये की स्वीकृति : ग्राम विकास को मिलेगा ठोस आधार कार्यक्रम के दौरान गुरु खुशवंत साहेब ने ग्राम पंचायत जोतपुर के विकास कार्यों हेतु 10 लाख रुपये की स्वीकृति की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस राशि से गांव में आधारभूत सुविधाओं, सामुदायिक विकास कार्यों, सामाजिक संरचनाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को गति मिलेगी, जिससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।
इस घोषणा से ग्रामीणों में उत्साह और विश्वास का वातावरण देखने को मिला।सद्भाव पदयात्रा में सहभागिता का आह्वानगुरु खुशवंत साहेब ने 18 फरवरी से रायपुर (मोवा) से गिरौदपुरी तक निकलने वाली विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा में समाज के सभी वर्गों से बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा बाबा जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने का माध्यम बनेगी।
ग्राम मारूकापा : शिक्षा के मंदिर में आशीर्वाद इसी क्रम में गुरु खुशवंत साहेब ग्राम मारूकापा स्थित परम् पूज्य बाबा गुरु घासीदास स्कूल के वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज के सर्वांगीण विकास की कुंजी है।
बाबा जी की शिक्षाएं बच्चों को समानता, नैतिकता और मानवता का मार्ग दिखाती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, परिश्रम और संस्कारों के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
जनप्रतिनिधियों एवं समाजजनों की गरिमामयी उपस्थितिइस अवसर पर प्रमुख रूप से वर्षा विक्रम सिंह (अध्यक्ष जनपद पंचायत लोरमी),रामेश्वर बंजारे (जिला उपाध्यक्ष भाजपा मुंगेली),गुरमीत सलूजा, रवि शर्मा, लेखराज ठाकुर,राजा मिरी सतनामी (जिला महंत, मुंगेली),राधे सतनामी (ब्लॉक महंत, लोरमी),खेमचंद सतनामी (ब्लॉक अध्यक्ष, सतनाम सेना लोरमी),रत्ना संजय काठले (सदस्य जिला पंचायत मुंगेली),रजनी सोनवानी (सदस्य जिला पंचायत मुंगेली),मानिक लाल सोनवानी, नोहर कोहली, डी.एल. भास्कर,आरती त्रिलोक कोशले (सरपंच, ग्राम पंचायत जोतपुर),तारन कोशले (उपसरपंच),पन्नालाल कुर्रे, मोहरदास कुर्रे,गयाप्रसाद कोशले, अजीत घृतलहरे, अश्वा अनंत,राजेंद्र सोनकर, हेमंत खांडेकर, भुनेश्वर रावल,भागवत कामले, भागवत घृतलहरे, रविशन घृतलहरे,बलदेव बांधडे, रेशम कोशले, रविन्द्र कुर्रे,शंकर डहरिया, विजय कामले, फागू डहरिया,सोनदास बंजारा, कोमल कुर्रे, बी.पी. अनंत,ललित लहरिया, लोकेश्वर दिगेश्वर, गौतम विश्वजीत,योगेश टंडन, लैनदास कुर्रे, रोहित कामले,सूरज कुर्रे, मिथुन भार्गव, सोमनाथ बंजारे,खेमचंद भिखारी, प्रदीप गायकवाड (जनपद सदस्य),सुरजीत भार्गव (जनपद सदस्य),स्वाति रात्रे, गायत्री अनंत, आनंद खांडेकर,ललिता कुर्रे, संतोषी सोनकर, रानू कामले,हीराबाई डहरिया, उमा पाटले, दशमत खांडेकर,लक्ष्मी घृतलहरे, बिमला कांत सहित बड़ी संख्या में सामाजिक पदाधिकारी, महिला शक्ति, वरिष्ठ नागरिक एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
इन आयोजनों ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि बाबा गुरु घासीदास जी की शिक्षाएं आज भी समाज को जोड़ने, शिक्षा को सशक्त करने और विकास को गति देने का कार्य कर रही हैं। गुरु खुशवंत साहेब का यह प्रवास सामाजिक समर्पण, जनसेवा और समग्र विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बना।
