पंकज कुमार बघेल,
मुंगेली | वैभवी टाइम्स
कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर राज्य स्तर से प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर सरगांव-पेंड्री स्थित गणेश मिनरल्स राइस मिल में राजस्व विभाग, खाद्य विभाग एवं सहकारिता विभाग की संयुक्त टीम द्वारा आकस्मिक निरीक्षण की कार्रवाई की गई।
यह कार्रवाई धान उपार्जन एवं भंडारण में संभावित अनियमितताओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए की गई।
निरीक्षण के दौरान प्वाइंटर मशीन के माध्यम से मिल परिसर में भंडारित धान की भौतिक गणना एवं सत्यापन कराया गया।
जांच के समय यह पाया गया कि मिल प्रबंधन द्वारा सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से संबंधित कोई भी दस्तावेज अथवा फुटेज प्रस्तुत नहीं किया गया।
इतना ही नहीं, जैसे ही जांच दल राइस मिल परिसर में पहुंचा, वैसे ही मिल के कर्मचारियों द्वारा सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए। बार-बार कहे जाने के बावजूद कैमरे पुनः चालू नहीं किए गए, जिससे जांच प्रक्रिया पर संदेह की स्थिति उत्पन्न हुई। इस गंभीर लापरवाही और संदिग्ध गतिविधि को देखते हुए मौके पर ही सीसीटीवी डीवीआर जब्त कर लिया गया।
मिल प्रबंधन द्वारा शासन के ऑनलाइन पोर्टल पर प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार गणेश मिनरल्स राइस मिल में कुल 02 लाख 41 हजार 896 कट्टी धान का भंडारण दर्शाया गया था। जबकि संयुक्त जांच दल द्वारा किए गए वास्तविक भौतिक सत्यापन में मिल के गोदामों में केवल 01 लाख 97 हजार 458 कट्टी धान ही पाया गया। इस प्रकार ऑनलाइन रिकॉर्ड की तुलना में 44 हजार 438 कट्टी धान, अर्थात लगभग 17 हजार 775.2 क्विंटल धान कम पाया गया।
जांच के दौरान मिल के मैनेजर एवं कर्मचारियों से इस बड़े अंतर के संबंध में विस्तृत पूछताछ की गई, लेकिन वे कमी का कोई स्पष्ट, लिखित अथवा संतोषजनक कारण प्रस्तुत नहीं कर सके। न तो परिवहन संबंधी कोई वैध दस्तावेज दिखाए गए और न ही धान के उठाव अथवा नीलामी से संबंधित कोई ठोस प्रमाण सामने रखा गया।
इससे यह आशंका और प्रबल हो गई कि मिल परिसर से भारी मात्रा में धान की अवैध निकासी या हेराफेरी की गई है।
प्रारंभिक आकलन के अनुसार कम पाए गए धान की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 5.5 करोड़ रुपये आँकी गई है, जिसे शासन के आर्थिक हितों के लिए गंभीर क्षति माना जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर गणेश मिनरल्स राइस मिल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। साथ ही संबंधित दस्तावेजों की जांच, ऑनलाइन रिकॉर्ड की तकनीकी समीक्षा, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण तथा जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका तय करने के लिए विस्तृत जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि धान उपार्जन, भंडारण एवं वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या भ्रष्टाचार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध आवश्यकतानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई, आर्थिक दंड एवं आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा।

इस संयुक्त कार्रवाई में तहसीलदार अतुल वैष्णव, नायब तहसीलदार लीलाधर क्षत्रिय, खाद्य निरीक्षक दीपाली सिंह, मंडी उप निरीक्षक शुभम पैकरा तथा पटवारी रमेश कौशिक शामिल रहे।
