पर्यावरण संतुलन और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए वृक्षारोपण जरूरी : प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश
जागरूकता शिविर आयोजित कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए किया गया प्रेरित
पंकज कुमार बघेल, मुंगेली | वैभवी टाइम्स
मुंगेली, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला न्यायालय परिसर मुंगेली में वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर द्वारा जारी स्टेट प्लान ऑफ एक्शन के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुंगेली के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा समाज में हरित संस्कृति को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष गिरिजा देवी मेरावी के नेतृत्व में न्यायालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं तथा आम नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण मानव जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच वृक्षारोपण ही पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम अपने परिवार, बच्चों और प्रियजनों की देखभाल करते हैं, उसी प्रकार पौधों की सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी भी हमें निभानी चाहिए। केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास करना भी उतना ही आवश्यक है। आज लगाया गया एक पौधा आने वाले वर्षों में समाज और पर्यावरण के लिए अमूल्य धरोहर साबित होता है।
कार्यक्रम के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण विषय पर जागरूकता शिविर का भी आयोजन किया गया। शिविर में उपस्थित लोगों को पर्यावरणीय चुनौतियों, जैव विविधता संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता और वृक्षारोपण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही सभी को अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प दिलाया गया।
इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जसविंदर कौर अजमानी मलिक, न्यायिक मजिस्ट्रेट नारायणी कच्छप, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम टीकम चंद्राकर, राजेश मिरे, रति राम बर्मन, जयकुमार डहरिया, द्रौपती कश्यप सहित न्यायालय के अधिकारी-कर्मचारी, अधिवक्तागण एवं पैरालीगल वालंटियर्स उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर पौधरोपण करते हुए पर्यावरण संरक्षण और हरित मुंगेली के निर्माण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सतत जिम्मेदारी है। सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छ, हरित और स्वस्थ पर्यावरण का निर्माण संभव है।
