- प्रारंभ: मुंगेली जिले में 1 मई से जनगणना-2027 के प्रथम चरण का श्रीगणेश।
- प्रक्रिया: प्रगणक और पर्यवेक्षक घर-घर पहुंचकर 33 निर्धारित बिंदुओं पर ले रहे जानकारी।
- सावधानी: प्रशासन की अपील—किसी को भी न दें बैंक खाता, ओटीपी या वित्तीय जानकारी।
- लक्ष्य: सटीक डेटा से तैयार होगी भविष्य के विकास की रूपरे
पंकज कुमार बघेल, मुंगेली (वैभवी टाइम्स)
मुंगेली: भारत की डिजिटल जनगणना-2027 के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए मुंगेली जिले में प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी कुन्दन कुमार के कुशल निर्देशन में 1 मई से जिले के समस्त नगरीय और ग्रामीण निकायों में जनगणना के प्रथम चरण का विधिवत शुभारंभ कर दिया गया है।
हाउस-लिस्टिंग और मकानों का सूचीकरण जारी
जनगणना के इस शुरुआती चरण में मुख्य रूप से ‘हाउस-लिस्टिंग’ (मकान सूचीकरण) का कार्य किया जा रहा है।
जिले के सभी चार्ज क्षेत्रों में प्रगणक (Enumerators) और पर्यवेक्षक (Supervisors) अपने निर्धारित हाउस-लिस्टिंग ब्लॉक की पहचान कर घर-घर दस्तक दे रहे हैं।
इस दौरान प्रत्येक भवन को एक विशिष्ट नंबर आवंटित किया जा रहा है और परिवार की आवासीय स्थिति का आकलन किया जा रहा है।
इन 33 बिंदुओं पर जुटाई जा रही है जानकारी
प्रगणकों को सर्वेक्षण के लिए एक विस्तृत प्रश्नावली दी गई है, जिसमें कुल 33 बिंदु शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित जानकारियां एकत्र की जा रही हैं:
- भवन की संरचना: मकान कच्चा है या पक्का, छत और दीवार में प्रयुक्त सामग्री।
- मूलभूत सुविधाएं: पेयजल का स्रोत, शौचालय की उपलब्धता, जल निकासी व्यवस्था और बिजली का कनेक्शन।
- तकनीकी संसाधन: परिवार में इंटरनेट सुविधा, मोबाइल फोन, लैपटॉप या कंप्यूटर की उपलब्धता।
- घरेलू संपत्तियां: रेडियो, टीवी, दोपहिया या चारपहिया वाहन और साइकिल आदि की जानकारी।
- ईंधन: खाना पकाने के लिए उपयोग किए जाने वाले ईंधन का प्रकार।
स्वगणना (Online) और डोर-टू-डोर का समन्वय
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जो नागरिक पहले ही ऑनलाइन माध्यम से ‘स्वगणना’ (Self-Enumeration) कर चुके हैं, उन्हें केवल अपना संदर्भ नंबर दिखाना होगा। वहीं, जिन्होंने ऑनलाइन जानकारी नहीं भरी है, उनसे जनगणना कर्मी प्रत्यक्ष संवाद कर डेटा पोर्टल पर अपलोड करेंगे। परिवार का कोई भी उत्तरदायी वयस्क सदस्य यह जानकारी उपलब्ध करा सकता है।
दो चरणों में पूर्ण होगी प्रक्रिया
- प्रथम चरण (वर्तमान): मकान सूचीकरण और आवास गणना (मई 2026 से जारी)।
- द्वितीय चरण: व्यक्तिगत विवरण और जनसंख्या गणना (01 फरवरी 2027 से प्रारंभ)।
सुरक्षा अलर्ट: वित्तीय धोखाधड़ी से बचें
जिला सांख्यिकी अधिकारी ने नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। जनगणना के नाम पर यदि कोई व्यक्ति आपसे बैंक विवरण, ओटीपी, एटीएम पिन, या किसी भी प्रकार का भुगतान मांगता है, तो वह फर्जी हो सकता है। आधिकारिक जनगणना कर्मी केवल आवासीय और सामाजिक जानकारी मांगेंगे, न कि कोई गोपनीय वित्तीय डेटा।
प्रशासन की अपील
कलेक्टर कुन्दन कुमार ने जिलेवासियों से अपील की है कि जनगणना कर्मी जब आपके द्वार पर आएं, तो उन्हें सही और सटीक जानकारी प्रदान करें। यह डेटा सरकार को भविष्य की कल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के बेहतर नियोजन में मदद करेगा।
