पंकज कुमार बघेल, मुंगेली, वैभवी टाइम्स,
मुंगेली। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम ने इस बार मुंगेली जिले की तस्वीर ही बदल दी है।
यह सिर्फ एक रिजल्ट नहीं, बल्कि मेहनत, अनुशासन और अटूट विश्वास की ऐसी कहानी है, जिसने पूरे जिले को गर्व से भर दिया है।
कक्षा 10वीं में लोरमी के होनहार छात्र अंशुल शर्मा ने 99 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है।
अंशुल की यह उपलब्धि उन सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।
अंशुल की सफलता यह बताती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती।
बेटियों ने भी लहराया परचम, जिले का बढ़ाया मान
इस सफलता की गूंज सिर्फ एक छात्र तक सीमित नहीं रही।
मुंगेली के विवेकानंद वार्ड की छात्रा नंदिता देवांगन ने 98.87 प्रतिशत अंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि बेटियां भी हर क्षेत्र में अग्रणी हैं।

वहीं, चकरभाठा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रा हेमा ने 97.87 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले को गौरवान्वित किया।

इन सभी छात्रों ने यह सिद्ध कर दिया कि मुंगेली अब शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
जब मेहनत का मिला सम्मान: घर पहुंचकर दी बधाई
परिणाम घोषित होते ही कलेक्टर कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल और जिला प्रशासन की टीम स्वयं विद्यार्थियों के घर पहुंची।
मिठाई खिलाकर, गुलदस्ता भेंट कर और स्नेहिल शब्दों से विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाया गया। यह दृश्य केवल सम्मान का नहीं, बल्कि उस विश्वास का प्रतीक था कि प्रशासन विद्यार्थियों के सपनों के साथ खड़ा है।
“90 प्लस अभियान”: बदलती तस्वीर, बढ़ती उम्मीदें
मुंगेली जिले की इस सफलता के पीछे एक मजबूत सोच और निरंतर प्रयास है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में चलाए गए “90 प्लस शिक्षा गुणवत्ता अभियान” ने शिक्षा के स्तर को नई दिशा दी है।
74 स्कूलों में विशेष फोकस
निरंतर मोटिवेशन और मार्गदर्शन
शिक्षकों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों का सामूहिक प्रयास
इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि—
कक्षा 12वीं में जिला 27वें से 6वें स्थान पर पहुंचा
कक्षा 10वीं में 30वें से 12वें स्थान तक छलांग लगाई
यह बदलाव बताता है कि सही दिशा में किया गया प्रयास हमेशा सकारात्मक परिणाम देता है।
“प्रेरणा से परिवर्तन”: नई पीढ़ी के लिए संदेश
कलेक्टर ने इस उपलब्धि को “प्रेरणा से परिवर्तन” की दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि यह सफलता केवल अंकों की नहीं, बल्कि सोच के बदलाव की जीत है।
उन्होंने कहा कि—
👉 शिक्षक मेहनत करें
👉 विद्यार्थी लगन रखें
👉 अभिभावक सहयोग दें
तो कोई भी जिला पीछे नहीं रह सकता।
भविष्य की ओर बढ़ते कदम
प्रशासन अब शिक्षा में तकनीकी नवाचार जोड़ने की दिशा में भी कार्य कर रहा है, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधन मिल सकें और वे डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक जैसे क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकें।
एक संदेश हर विद्यार्थी के लिए…
अंशुल, नंदिता और हेमा की सफलता यह कहती है—
“सपने वही सच होते हैं, जिनके लिए नींद भी कुर्बान की जाती है।”
मुंगेली की यह कहानी आज हर उस छात्र के लिए प्रेरणा है, जो अपने जीवन में कुछ बड़ा करने का सपना देखता है।
