📰 जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के निर्देश, आवास निर्माण में देरी पर अधिकारियों को फटकार
मुंगेली | पंकज कुमार बघेल, वैभवी टाइम्स,
जिले में विकास कार्यों को गति देने और शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला पंचायत सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय ने की। बैठक में विशेष रूप से जल संचय जन भागीदारी अभियान (JSJB 2.0) और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सभी योजनाओं का लाभ निर्धारित समय-सीमा के भीतर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
💧 जल संचयन पर विशेष जोर: “यह सिर्फ योजना नहीं, सामूहिक जिम्मेदारी”
समीक्षा के दौरान सीईओ ने जल संरक्षण को भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि इसे केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि—
पारंपरिक जल स्रोतों जैसे तालाब, कुएं और नालों का पुनरुद्धार किया जाए
चेक डैम, सोख्ता गड्ढे और स्टॉप डैम जैसे नए संरचनाओं का निर्माण प्राथमिकता से हो
ग्राम पंचायतों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए
गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जल संरक्षण के महत्व से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए।
🛠️ मनरेगा से समन्वय बढ़ाने के निर्देश
जल संचयन कार्यों को तेजी देने के लिए मनरेगा के साथ बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाए और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए।
🏠 पीएम आवास योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी
बैठक के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान सीईओ ने योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि सभी लंबित आवासों का निर्माण जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
“हर पात्र हितग्राही को पक्का घर देना शासन की प्राथमिकता है, इसमें देरी बिल्कुल स्वीकार्य नहीं होगी।,,
👷 फील्ड में सक्रियता और जवाबदेही तय
सीईओ ने आवास मित्रों, इंजीनियरों और तकनीकी सहायकों को निर्देश दिए कि—
वे फील्ड में जाकर निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करें
हितग्राहियों को तकनीकी मार्गदर्शन दें
अधूरे आवासों में आ रही बाधाओं को तुरंत दूर करें
💰 किस्त भुगतान में तेजी लाने के निर्देश
आवास निर्माण में देरी का एक बड़ा कारण समय पर किस्त भुगतान न होना बताया गया। इस पर अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी भुगतान प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए, ताकि निर्माण कार्य प्रभावित न हो।
⚖️ पारदर्शिता और जवाबदेही पर सख्त रुख
बैठक में स्पष्ट किया गया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। लक्ष्य है कि योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से आमजनों तक पहुंचे।
बैठक में जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी, जनपद पंचायतों के सीईओ, नगर निकायों के अधिकारी, आवास मित्र, इंजीनियर एवं तकनीकी सहायक उपस्थित रहे।
