मौके पर कुछ समस्याएं सुलझीं, बाकी फिर फाइलों के भरोसे!
रज्जू बंजारे “वैभवी टाइम्स”
बेमेतरा । जिले में हर सोमवार आयोजित होने वाला जनदर्शन कार्यक्रम एक बार फिर आमजन की उम्मीदों और प्रशासनिक व्यवस्था की हकीकत के बीच खड़ा नजर आया। कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने कलेक्टोरेट के दृष्टि सभा कक्ष में जनदर्शन के दौरान लोगों की समस्याएं सुनीं और 62 आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनदर्शन में दूर-दराज़ क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने पेंशन, आवास, रास्ता, जमीन विवाद और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं रखीं। कलेक्टर ने कुछ मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश देकर समाधान कराया, जिससे यह जरूर दिखा कि प्रशासन सक्रिय है।
लेकिन सवाल यही उठता है कि हर सप्ताह आने वाले ऐसे दर्जनों आवेदन आखिर पहले ही क्यों नहीं सुलझ पाते?
फिर वही समस्याएं, फिर वही निर्देश
जनदर्शन में इस बार भी वही पुरानी समस्याएं सामने आईं—
वृद्धा, निराश्रित और दिव्यांग पेंशन
प्रधानमंत्री आवास योजना
आम रास्ता और जमीन विवाद
खाद गड्ढा हटाने और रकबा जोड़ने के मामले
इनमें से कई मुद्दे ऐसे हैं जो लंबे समय से लंबित हैं और हर जनदर्शन में दोहराए जाते हैं।
निर्देश तो सख्त, लेकिन अमल कितना?
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आवेदनों का समय-सीमा में और पारदर्शिता के साथ निराकरण किया जाए, ताकि लोगों को बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
हालांकि जमीनी हकीकत यह है कि कई मामलों में आवेदन टीएल पंजी में दर्ज होकर फाइलों में ही उलझ जाते हैं और आवेदक अगली बार फिर जनदर्शन में पहुंचते हैं।
जनता को भरोसा, लेकिन उम्मीद कार्रवाई की
जनदर्शन में कुछ मामलों के त्वरित समाधान से लोगों में भरोसा जरूर बढ़ा है, लेकिन यह भी साफ है कि स्थायी समाधान के लिए केवल निर्देश नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर सख्ती और जवाबदेही भी जरूरी है।
इस दौरान अपर कलेक्टर श्री प्रकाश कुमार भारद्वाज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
