पंकज कुमार बघेल, मुंगेली, वैभवी टाइम्स।

आदर्श कृषि उपज मंडी मुंगेली में आयोजन, नवदम्पत्तियों को आर्थिक सहायता व उपहार
राज्य सरकार की बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण की प्रतिबद्धता को साकार करते हुए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत जिला मुख्यालय मुंगेली के आदर्श कृषि उपज मंडी परिसर में 94 जोड़ों का विवाह सामाजिक गरिमा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ।
इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि बेटी किसी पर बोझ नहीं, बल्कि समाज की सशक्त नींव है।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर मां सरस्वती के छायाचित्र पर पुष्प अर्पण के साथ किया गया। धार्मिक विधि-विधान से विवाह संस्कार संपन्न कराए गए।
योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक कराया गया, जिससे अभिभावकों को राहत मिली और सामाजिक कुरीतियों पर भी प्रभावी अंकुश लगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वर्चुअल संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना राज्य सरकार की उस सोच का प्रतीक है, जिसमें बेटी को सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर प्रदान करना प्राथमिकता है।
इस योजना से गरीब परिवारों को बेटियों के विवाह की चिंता से मुक्ति मिली है तथा अनावश्यक खर्च और दिखावे की प्रवृत्ति पर रोक लगी है। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आत्मनिर्भर और सुखमय जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय ने कहा कि पहले बेटियों के विवाह के लिए गरीब परिवारों को कर्ज और संपत्ति गिरवी रखने की मजबूरी होती थी, लेकिन सरकार की इस योजना ने हजारों परिवारों को आत्मसम्मान के साथ विवाह संपन्न कराने का अवसर दिया है। यह योजना सामाजिक समानता और सामूहिकता की भावना को मजबूत कर रही है।
कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कहा कि बेटा और बेटी में कोई भेद नहीं होना चाहिए। दोनों समान रूप से परिवार और समाज की प्रगति में योगदान देते हैं।
उन्होंने नवदम्पत्तियों को शासन की महतारी वंदन योजना, स्वरोजगार ऋण योजनाओं एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया, ताकि बेटियां विवाह के बाद भी आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकें।
पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने कहा कि बेटियों को सम्मान, सुरक्षा और सहयोग का वातावरण देना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने नवदम्पत्तियों से आपसी विश्वास और समझ के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान सभी नवदम्पत्तियों को आर्थिक सहायता के चेक एवं आवश्यक उपहार सामग्री प्रदान की गई। समारोह में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं वर-वधुओं के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल सामूहिक विवाह का उदाहरण बना, बल्कि सरकार की बेटियों के कल्याण और सामाजिक सशक्तिकरण की योजनाओं की प्रभावशीलता को भी उजागर करता रहा।
