रज्जू बंजारे
बेमेतरा। आगामी जनगणना 2027 के सफल, सटीक एवं पारदर्शी आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्रामों की भौगोलिक सीमा एवं स्थिति के शुद्ध भू-संदर्भीकरण (Georeferencing) से संबंधित एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देशानुसार उप जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री दीप्ति वर्मा की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। बैठक में जनगणना कार्य से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
गूगल अर्थ प्रो के माध्यम से तकनीकी प्रक्रिया पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक में भारत सरकार, गृह मंत्रालय, जनगणना कार्य निदेशालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप ग्रामों की भौगोलिक सीमाओं के सटीक चिन्हांकन, डिजिटल मैपिंग तथा डेटा की शुद्धता पर विस्तार से चर्चा की गई।
गूगल अर्थ प्रो सॉफ्टवेयर के माध्यम से भू-संदर्भीकरण की तकनीकी प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए इसके उपयोग, लाभ एवं आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि ग्राम सीमाओं का त्रुटिरहित एवं सटीक भू-संदर्भीकरण जनगणना 2027 की गुणवत्ता, विश्वसनीयता एवं पारदर्शिता के लिए अत्यंत आवश्यक है।
अर्धदिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण की दी गई जानकारी
बैठक के दौरान यह जानकारी भी दी गई कि जनगणना निदेशालय द्वारा नियुक्त जिला नोडल अधिकारी के मार्गदर्शन में आज प्रातः 11:00 बजे, कलेक्टर कार्यालय स्थित दिशा सभा कक्ष, बेमेतरा में गूगल अर्थ प्रो आधारित अर्धदिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
तकनीकी दक्ष कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य
बैठक में निर्देशित किया गया कि सभी संबंधित विभाग उक्त प्रशिक्षण में अपने-अपने कार्यालय से तकनीकी रूप से दक्ष कर्मचारी (जनगणना लिपिक) की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करें, जिससे ग्रामों के भू-संदर्भीकरण का कार्य समयबद्ध, सटीक एवं त्रुटिरहित ढंग से पूर्ण किया जा सके।
जिला प्रशासन करेगा सतत निगरानी
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि जनगणना 2027 से संबंधित सभी गतिविधियों की सतत समीक्षा एवं निगरानी जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी तथा शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
