📰 मुंगेली | सनसनीखेज खुलासा
पंकज कुमार बघेल,मुंगेली, वैभवी टाइम्स,
मुंगेली जिले में सेवानिवृत्त लेखापाल दामोदर राजपूत की हत्या का मामला अब पूरी तरह से सुलझ चुका है, और इसका सच बेहद चौंकाने वाला है।
यह कोई सामान्य हत्या नहीं, बल्कि परिवार के भीतर रची गई सुनियोजित साजिश का नतीजा है, जिसमें सगे भाई, भतीजे और रिश्तेदार ही मास्टरमाइंड निकले।
मुंगेली पुलिस ने आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी कैमरों और “त्रिनयन ऐप” की मदद से इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए 11 आरोपियों और 4 नाबालिगों को गिरफ्तार कर लिया है।
🔎 लापता से हत्या तक—ऐसे शुरू हुई जांच
22 मार्च 2026 को बलबीर सिंह ने थाना लालपुर में अपने भाई दामोदर राजपूत (62 वर्ष) के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। दामोदर राजपूत शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त लेखापाल थे।
उनकी मोटरसाइकिल ग्राम मनोहरपुर के पास संदिग्ध हालत में मिली, जिससे मामला और गंभीर हो गया। पुलिस ने इसे सामान्य गुमशुदगी न मानते हुए हर एंगल से जांच शुरू की।
📡 तकनीक बनी सबसे बड़ा हथियार
जांच के दौरान पुलिस ने जिले के सभी एंट्री-एग्जिट पॉइंट और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। “त्रिनयन ऐप” के जरिए मूवमेंट ट्रैक किया गया, जिसमें एक संदिग्ध हुंडई ईऑन कार (CG 10 AC 8986) मृतक का पीछा करती नजर आई।
यहीं से केस ने नया मोड़ लिया।
🚗 कार से खुला पूरा राज
वाहन की जानकारी निकालने पर पता चला कि यह कार संजय यादव द्वारा किराए पर ली गई थी। पुलिस ने संजय यादव को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने पूरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
💣 सुपारी किलिंग: 10 लाख और जमीन के लिए हत्या
पूछताछ में सामने आया कि:
मृतक के भाई रणजीत राजपूत
चचेरा भाई रामपाल राजपूत
साला पालेश्वर राजपूत
ने मिलकर 10 लाख रुपये और 50 डिसमिल जमीन की सुपारी देकर हत्या की योजना बनाई थी।
21 मार्च 2026 को आरोपियों ने दामोदर राजपूत को झांसे में लेकर सुनसान रास्ते पर रोका और गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी।
🌲 जंगल में दफनाई लाश
हत्या के बाद शव को कार में डालकर कवर्धा जिले के पंडरिया थाना क्षेत्र के देवसरा गांव के जंगल में ले जाया गया, जहां नदी किनारे गड्ढा खोदकर शव को रेत में दफना दिया गया।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर शव बरामद कर लिया, जिसकी पहचान परिजनों ने की।
📱 साधु बनने की झूठी कहानी रची गई
हत्या को छुपाने के लिए आरोपियों ने एक और चाल चली—
मृतक का मोबाइल प्रयागराज ले जाकर गंगा नदी में फेंक दिया, ताकि लोगों को लगे कि दामोदर राजपूत घर छोड़कर साधु बन गया है।
⚖️ फर्जी नोटरी से संपत्ति हड़पने की साजिश
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पहले ही एक फर्जी वचनपत्र (नोटरी) तैयार कर लिया था, जिसमें दिखाया गया कि मृतक अपनी संपत्ति बेटे को नहीं देना चाहता।
इस तरह कानूनी रूप से संपत्ति हड़पने की पूरी योजना पहले से बना ली गई थी।
⚠️ बाप-बेटे के विवाद का उठाया फायदा
मृतक और उसके बेटे के बीच पहले से विवाद चल रहा था। इसी का फायदा उठाकर आरोपियों ने दोनों के बीच दुश्मनी को और बढ़ाया और पूरी साजिश को अंजाम दिया।
🚔 पुलिस की बड़ी सफलता
इस हाई-प्रोफाइल केस में पुलिस ने:
11 आरोपियों को गिरफ्तार किया
4 नाबालिगों को पकड़ा
96,000 रुपये नकद बरामद किए
2 कार, 1 मोटरसाइकिल और 1 स्कूटी जब्त की
सभी आरोपियों के खिलाफ थाना लालपुर में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया है।
👮 तकनीक और टीमवर्क की जीत
इस केस को सुलझाने में:
त्रिनयन ऐप
सीसीटीवी नेटवर्क
साइबर सेल
पुलिस टीम की रणनीति
की अहम भूमिका रही।
🔚 निष्कर्ष
मुंगेली का यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि लालच, विश्वासघात और रिश्तों के टूटने की खौफनाक कहानी है। यह दिखाता है कि संपत्ति के लिए इंसान किस हद तक गिर सकता है—even अपने ही खून के खिलाफ।
